साल 2025 में भारत के ऑटो सेक्टर ने नया इतिहास रच दिया। सभी श्रेणियों के वाहनों का कुल रजिस्ट्रेशन 2.8 करोड़ के पार पहुंचा, जिसमें SUV और इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग ने अहम भूमिका निभाई।
New Delhi: भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए साल 2025 ऐतिहासिक साबित हुआ। पहली बार सभी तरह के वाहनों का कुल रजिस्ट्रेशन आंकड़ा 2.8 करोड़ के पार पहुंच गया। यह उपलब्धि न सिर्फ ऑटो इंडस्ट्री के लिए बल्कि देश की समग्र आर्थिक गतिविधियों के लिए भी एक मजबूत संकेत मानी जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में वाहन पंजीकरण में सालाना आधार पर 7.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तुलना करें तो वर्ष 2023 में कुल 2.4 करोड़ वाहनों की रिटेल बिक्री हुई थी। इस तेज वृद्धि के पीछे मजबूत त्योहारी मांग, एसयूवी की बढ़ती लोकप्रियता और इलेक्ट्रिक वाहनों का शानदार प्रदर्शन प्रमुख कारण रहे।
इलेक्ट्रिक वाहनों की तेज रफ्तार
साल 2025 में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) ने भारतीय बाजार में जबरदस्त मजबूती दिखाई। खासतौर पर इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मांग में तेज उछाल देखने को मिला।
पूरे साल में भारत में 12 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ। यह कुल दोपहिया बिक्री का करीब 6.2 प्रतिशत हिस्सा रहा। यह आंकड़ा कैलेंडर वर्ष 2024 में बिके 11.4 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत ज्यादा है।
चार पहिया EV में भी जबरदस्त उछाल
सिर्फ दोपहिया ही नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों की बिक्री में भी साल 2025 में बड़ी छलांग देखने को मिली। वाहन रजिस्ट्रेशन डेटा के अनुसार, साल के दौरान करीब 1.7 लाख इलेक्ट्रिक कारों की खुदरा बिक्री हुई।
यह संख्या साल 2024 में बिके करीब 90,000 इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों की तुलना में लगभग 90 प्रतिशत ज्यादा है। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि अब इलेक्ट्रिक कारें धीरे-धीरे मास मार्केट की ओर बढ़ रही हैं और ग्राहक इन्हें भरोसेमंद विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।
SUV बनी ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह
साल 2025 में यात्री वाहनों की बिक्री में एसयूवी (SUV) ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई। बाजार में एसयूवी की निरंतर मांग ने कई कंपनियों की किस्मत बदल दी।
इसी एसयूवी बूम की वजह से यात्री कार कंपनियों की रैंकिंग में भी बदलाव देखने को मिला। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया। इसके चलते कोरियाई कंपनी हुंडई मोटर इंडिया चौथे स्थान पर खिसक गई।
मारुति सुजुकी ने एक बार फिर यात्री वाहन बाजार में अपना दबदबा बनाए रखा। वहीं टाटा मोटर्स पिछले साल की तरह तीसरे स्थान पर बनी रही।
चार बड़े OEM की मजबूत बढ़त
चार प्रमुख ऑटोमोबाइल ओईएम (OEMs) के लिए साल 2025 बेहद मजबूत रहा। इन कंपनियों के कुल वाहन रजिस्ट्रेशन में लगभग 35 लाख वाहनों की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यह बढ़ोतरी कैलेंडर वर्ष 2024 की तुलना में सालाना आधार पर करीब 8.4 प्रतिशत ज्यादा रही। मजबूत त्योहारी सीजन और एसयूवी की लगातार बनी मांग ने इस ग्रोथ को मजबूती दी।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही रुझान बना रहा, तो आने वाले वर्षों में ऑटो सेक्टर नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
मारुति सुजुकी का बाजार पर दबदबा
उद्योग के सूत्रों द्वारा जुटाए गए वाहन डेटा (तेलंगाना को छोड़कर) के मुताबिक, मारुति सुजुकी इंडिया ने कैलेंडर वर्ष 2025 में भी अपनी लीडरशिप बरकरार रखी। कंपनी ने पूरे साल में 17.8 लाख वाहनों का रजिस्ट्रेशन दर्ज किया। यह सालाना आधार पर 8.8 प्रतिशत की वृद्धि है।
हालांकि, मासिक बिक्री के स्तर पर मारुति को कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। फरवरी और जून से सितंबर के मॉनसून महीनों में बिक्री थोड़ी कमजोर रही।
त्योहारी सीजन में शानदार वापसी
मारुति सुजुकी ने अक्टूबर 2025 में जबरदस्त वापसी की। त्योहारी मांग और नए मॉडलों की बदौलत कंपनी ने 243,327 वाहनों की अपनी अब तक की सबसे ऊंची मासिक बिक्री दर्ज की। इस मजबूत प्रदर्शन ने पूरे साल की बिक्री को संतुलित किया और कंपनी को एक बार फिर बाजार का नंबर वन खिलाड़ी बनाए रखा।
महिंद्रा एंड महिंद्रा बनी सबसे तेज बढ़ने वाली कंपनी
साल 2025 में महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ऑटो सेक्टर की सबसे तेज बढ़ने वाली कंपनी के रूप में उभरी। कंपनी की बिक्री में साल-दर-साल 20 प्रतिशत से ज्यादा का इजाफा हुआ। कुल बिक्री बढ़कर 588,994 वाहन तक पहुंच गई। यह ग्रोथ दूसरी प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में सबसे ज्यादा रही।
महिंद्रा की इस सफलता के पीछे उसकी मजबूत एसयूवी पोर्टफोलियो और ग्राहकों के बीच बढ़ती ब्रांड वैल्यू को अहम कारण माना जा रहा है।
टाटा मोटर्स का स्थिर प्रदर्शन
टाटा मोटर्स ने भी साल 2025 में संतुलित और स्थिर प्रदर्शन किया। कंपनी ने 565,982 वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की तुलना में 5.6 प्रतिशत ज्यादा है। टाटा मोटर्स इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में पहले से मजबूत स्थिति में है और यही कारण है कि EV सेगमेंट की बढ़ती मांग का उसे सीधा फायदा मिला।










