विक्रान इंजीनियरिंग का ₹772 करोड़ का आईपीओ 5.24 गुना सब्सक्राइब हुआ है और 29 अगस्त को बंद होगा। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 12% तक लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, मजबूत ऑर्डर बुक और सेक्टर में अवसरों के चलते इसे लॉन्ग टर्म निवेश के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी गई है।
Vikran Engineering IPO GMP: विक्रान इंजीनियरिंग का ₹772 करोड़ का आईपीओ 26 अगस्त को खुला और 29 अगस्त को बंद होगा। NSE के अनुसार, इश्यू को दूसरे दिन तक 5.24 गुना बोलियां मिलीं, जिसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की भागीदारी सबसे ज्यादा रही। ग्रे मार्केट में शेयर ₹109 पर ट्रेड हो रहे हैं, जो इश्यू प्राइस ₹97 से ऊपर है। एक्सपर्ट्स ने 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की ऑर्डर बुक और सेक्टर की ग्रोथ संभावनाओं को देखते हुए इसे लॉन्ग टर्म निवेश के लिए आकर्षक बताया है।
IPO को मिला जोरदार रिस्पांस
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, आईपीओ को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। 28 अगस्त तक यानी दूसरे दिन तक आईपीओ को 5.24 गुना सब्सक्राइब किया गया। कंपनी ने 5,87,39,128 शेयरों की पेशकश की थी, जबकि इसके मुकाबले 30,76,74,240 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं।
इस आईपीओ में सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की तरफ से दिखी। इस केटेगरी को अब तक 11.03 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। रिटेल निवेशकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और उनका हिस्सा 5.23 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स की बात करें तो यहां 91 प्रतिशत तक ही बोलियां आई हैं।
ग्रे मार्केट प्रीमियम से मिल रहे संकेत
विक्रान इंजीनियरिंग के शेयर ग्रे मार्केट में भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। अनऑफिशियल मार्केट में शुक्रवार को यह शेयर 109 रुपये पर कारोबार कर रहा था। यह आईपीओ प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर 97 रुपये से करीब 12 रुपये ज्यादा है। यानी 12.37 प्रतिशत का प्रीमियम देखने को मिला। अगर यही रुझान लिस्टिंग के दिन बना रहता है, तो निवेशकों को हर लॉट पर लगभग 1776 रुपये तक का फायदा हो सकता है।
निवेश के लिए शर्तें और रकम
आईपीओ में निवेश करने के लिए निवेशकों को कम से कम एक लॉट यानी 148 शेयरों के लिए आवेदन करना जरूरी है। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए 14,356 रुपये देने होंगे। वहीं एक रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट यानी 1,924 शेयरों तक आवेदन कर सकता है। इसकी कुल राशि 1,86,628 रुपये होगी।
अलॉटमेंट और लिस्टिंग का शेड्यूल
कंपनी ने बताया है कि शेयरों का अलॉटमेंट 1 सितंबर को किया जा सकता है। वहीं विक्रान इंजीनियरिंग के शेयरों की लिस्टिंग 3 सितंबर को BSE और NSE दोनों एक्सचेंज पर होगी। इस इश्यू का रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज है। आईपीओ की लीड मैनेजर कंपनियां पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स और सिस्टमैटिक्स कॉर्पोरेट सर्विसेज हैं।
कंपनी के बिजनेस और ऑर्डर बुक की स्थिति
विक्रान इंजीनियरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करने वाली कंपनी है। कंपनी के पास फिलहाल 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की मजबूत ऑर्डर बुक है। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2025 के अनुमानित राजस्व का लगभग दो गुना है। कंपनी जल पुनर्चक्रण और बिजली से जुड़ी परियोजनाओं पर काम करती है। सरकार की प्राथमिकता इन क्षेत्रों पर बढ़ने से विक्रान इंजीनियरिंग को भविष्य के टेंडरों का बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।