अमित शाह का बड़ा ऐलान! सीमांचल में घुसपैठियों को हटाने का रोडमैप तैयार

अमित शाह का बड़ा ऐलान! सीमांचल में घुसपैठियों को हटाने का रोडमैप तैयार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार दौरे पर अररिया सहित सीमावर्ती जिलों में पहुंचे। उन्होंने SSB और राज्य अधिकारियों के साथ बैठक कर घुसपैठ, अवैध निर्माण और जनसांख्यिकीय बदलाव पर चर्चा की। उच्च स्तरीय समिति गठन और कठोर कार्रवाई का ऐलान किया।

New Delhi: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार से तीन दिवसीय बिहार दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने अररिया सहित अन्य सीमावर्ती जिलों का दौरा किया और राज्य के अधिकारियों, SSB (सशस्त्र सीमा बल) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में कथित जनसांख्यिकीय बदलाव, घुसपैठ और अवैध धार्मिक निर्माणों से जुड़े मुद्दों का विश्लेषण करना था। अमित शाह ने कहा कि घुसपैठियों से न केवल गरीबों के अनाज पर असर पड़ता है, बल्कि देश के नौजवानों के रोजगार और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी खतरा होता है।

उच्च स्तरीय समिति का गठन

अमित शाह ने बताया कि देशभर में हुए जनसांख्यिकीय बदलावों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और केंद्र को सभी संवेदनशील जिलों में स्थिति की जानकारी देगी। शाह ने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्वाभाविक जनसंख्या बदलाव किसी भी देश की संस्कृति, इतिहास और भूगोल के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।

बंगाल चुनाव और बीजेपी का एजेंडा

अमित शाह ने बंगाल में चल रहे चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका पूरा विश्वास है कि इस बार भाजपा (BJP) की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि नई सरकार का पहला कदम सीमा पर बाड़ का काम पूरा करना और एक-एक घुसपैठिए को बाहर करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कोई चुनावी वादा नहीं बल्कि केंद्र की मोदी सरकार का संकल्प है। शाह ने साफ किया कि अगली बार जनादेश के लिए आते समय, सभी घुसपैठियों को देश के बाहर निकालना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि 2030 तक इस प्रक्रिया को पूर्ण करने का लक्ष्य है।

सीमांचल से घुसपैठियों को हटाने की योजना

बिहार के अररिया जिले में नेपाल सीमा से सटे लेटी में केंद्रीय गृह मंत्री ने SSB की 52वीं बटालियन के BOP भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान अमित शाह ने कहा कि सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि घुसपैठियों के कारण स्थानीय गरीबों के अनाज और नौजवानों के रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ता है। शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम जरूरी बताया और कहा कि देश की सीमाओं को सुरक्षित रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कार्रवाई की रूपरेखा

अमित शाह ने स्पष्ट किया कि बिहार की सरकार से लेकर जिलाधिकारी और पुलिस कप्तानों तक के साथ डिटेल मीटिंग की जा रही है, ताकि हर जिले में प्रभावी एक्शन प्लान तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि सीमा से 10 किमी के भीतर जितने भी अवैध अतिक्रमण हैं, उन्हें हटाया जाएगा। इसके लिए SSB, पुलिस और राज्य प्रशासन मिलकर समन्वित तरीके से कार्रवाई करेंगे। 

जनसांख्यिकीय बदलाव

अमित शाह ने कहा कि जनसांख्यिकीय बदलाव केवल संख्या का मामला नहीं है। यह देश की सुरक्षा, स्थानीय रोजगार और संसाधनों के उपयोग पर भी असर डालता है। उन्होंने सीमांचल और अन्य संवेदनशील जिलों में स्थिति को लेकर सटीक डेटा जुटाने की आवश्यकता पर जोर दिया। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर इस चुनौती का समाधान निकाल रही है, जिससे स्थानीय नागरिकों का जीवन प्रभावित न हो और संसाधनों का उचित वितरण सुनिश्चित हो।

अमित शाह ने कहा कि घुसपैठियों की मौजूदगी से केवल सुरक्षा खतरा नहीं बढ़ता, बल्कि देश की सामाजिक और आर्थिक स्थिरता पर भी असर पड़ता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का प्रयास है कि सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए स्थानीय विकास और रोजगार के अवसर बनाए जाएं। 

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