अयोध्या में एक सड़क प्रोजेक्ट ऐसा है, जिसके पैमाइश में पूरे 15 साल लग गए। इसके बाद इस मार्चित मार्ग पर लगभग 31.90 लाख रुपये की लागत से सीसी सड़क व नाली का निर्माण शुरू हुआ, और छह महीने पहले उसका शिलान्यास हुआ। लेकिन अब जिस विभाग ने निर्माण शुरू किया था, वह अचानक गायब हो गया सड़क अधूरी छोड़कर।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग की पूरी माप-जोख कराने के लिए वर्षों गुज़र गए। आखिरकार इस वर्ष मई में पैमाइश पूरी हुई, और बाद में सीसी सड़क व नाली के निर्माण का काम शहर निगम द्वारा शुरू हुआ। शिलान्यास के बाद निर्माण अधूरा छोड़ देना जनता के लिए परेशानी बन गया है: रास्ता अधूरा है, नाली व सड़क सही नहीं बनी है, जिससे आवागमन व रहने में दिक्कत हो रही है।
नगर निगम और विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बजट की दिक्कत व राज्य के अन्य कार्यों में फंड बांटने की प्राथमिकता के चलते यह काम रुका हुआ है। लेकिन नागरिक असहाय महसूस कर रहे हैं तथा इस मामले की शिकायत Chief Minister Portal पर दर्ज कराई गई है।
इस प्रकरण से यह स्पष्ट हुआ है कि केवल शिलान्यास करना और बजट स्वीकृति देना ही पर्याप्त नहीं निर्माण कार्य को समय पर पूरा करना और जिम्मेदार विभागों को तत्पर बनाना भी उतना ही जरूरी है।











