बिहार की राजनीति इन दिनों मकर संक्रांति से पहले गर्मी पर है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अंदर संगठनात्मक बदलावों की तैयारियां चल रही हैं, जबकि जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने विपक्षी खेमे पर तीखे बयान जारी किए हैं।
पटना: बिहार में सियासी सरगर्मी चरम पर है। एक तरफ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर सांगठनिक फेरबदल की तैयारी जोरों पर है, वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने विपक्षी खेमे पर तीखे हमलों की झड़ी लगा दी है। चुनाव परिणामों के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव फिलहाल विदेश दौरे पर हैं।
उनके शीतकालीन सत्र में मात्र एक दिन शामिल होने और फिर यूरोप जाने को लेकर सियासी गलियारों में खूब चर्चा रही। हालांकि, अब खरमास के बाद राजद के संगठन में बड़े बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं।
तेजस्वी यादव की बिहार वापसी
चुनाव परिणामों के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव फिलहाल विदेश दौरे पर हैं। उनके शीतकालीन सत्र में केवल एक दिन भाग लेने और फिर यूरोप यात्रा पर जाने को लेकर सियासी गलियारों में खूब चर्चाएँ हुई। हालांकि, अब संकेत मिल रहे हैं कि मकर संक्रांति के बाद तेजस्वी यादव बिहार लौटेंगे और पूरे प्रदेश का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं को उत्साहित करेंगे।
राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी यादव का उद्देश्य संगठन में ऊर्जा लाना और नए बदलावों की शुरुआत करना है। प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल की जगह किसी नए और ऊर्जावान नेता को कमान सौंपे जाने की संभावना है, ताकि पार्टी को आगामी चुनावों में मजबूती मिल सके।

JDU का पलटवार
RJD की इन तैयारियों पर बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि चाहे विपक्ष कितने भी बदलाव करे, बिहार की जनता का भरोसा केवल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर है। श्रवण कुमार ने तेजस्वी यादव को नसीहत दी कि केवल चेहरे बदलने से विपक्ष मजबूत नहीं होगा, उन्हें वास्तविक और सार्थक भूमिका निभानी होगी।
श्रवण कुमार ने कांग्रेस के 10 जनवरी से प्रस्तावित आंदोलनों पर भी हमला किया। उन्होंने इसे ‘तर्कहीन’ करार देते हुए कहा कि जब कांग्रेस कर्नाटक और झारखंड में जीतती है तो उन्हें वोट चोरी या इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में खामी नजर नहीं आती, लेकिन बिहार में हारने के बाद मतदाता सूची और EVM को लेकर सवाल उठाने लगती है। उन्होंने कांग्रेस को अपने सोचने और समझने के नजरिए की समीक्षा करने की सलाह दी।
राजनीतिक मसलों से इतर, मंत्री श्रवण कुमार ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे हमलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताजनक बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे वैश्विक मंचों पर पहल करें और वहां के हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएँ।











