पृथ्वीराज चव्हाण के बयान से मचा सियासी तूफान, ट्रंप-किडनैप सवाल पर मचा बवाल

पृथ्वीराज चव्हाण के बयान से मचा सियासी तूफान, ट्रंप-किडनैप सवाल पर मचा बवाल

कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के वेनेजुएला बयान ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। प्रधानमंत्री की तुलना और किडनैप जैसे शब्दों से सोशल मीडिया और भाजपा में विरोध बढ़ा। पार्टी को नेताओं के बयानों पर नियंत्रण की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

New Delhi: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण के एक बयान ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। वेनेजुएला में हुए घटनाक्रम का हवाला देते हुए चव्हाण ने ऐसा सवाल उठाया, जिसे लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। उनके बयान को लेकर न सिर्फ आम लोग नाराज दिखे, बल्कि विपक्षी दल भाजपा ने भी कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है।

वेनेजुएला का जिक्र 

पृथ्वीराज चव्हाण ने हाल ही में एक बातचीत के दौरान वेनेजुएला में हुए अमेरिकी सैन्य एक्शन और वहां की राजनीतिक उथल-पुथल का जिक्र किया। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल किया कि क्या वेनेजुएला में जो हुआ, वैसा ही कुछ भारत में भी हो सकता है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि क्या अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के प्रधानमंत्री को भी किडनैप कर सकते हैं। चव्हाण का यही बयान विवाद की जड़ बन गया।

सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया

इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने इसे बेतुका और गैरजिम्मेदाराना करार दिया। लोगों का कहना था कि भारत जैसे संप्रभु और न्यूक्लियर पावर देश की तुलना इस तरह करना न केवल गलत है, बल्कि देश की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है। ट्विटर और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर चव्हाण के बयान के स्क्रीनशॉट और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे।

यूजर्स ने बयान को बताया अव्यावहारिक

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सैन्य ताकत को देखते हुए इस तरह की बात करना समझ से परे है। कुछ लोगों ने टिप्पणी की कि यह बयान डर फैलाने वाला और तथ्यों से दूर है। कई यूजर्स ने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि क्या पार्टी ऐसे बयानों से खुद को गंभीर राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश कर पा रही है।

पूर्व अधिकारियों की भी आई प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर यह विवाद सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं रहा। जम्मू कश्मीर पुलिस के पूर्व डीजीपी एस पी वैद ने भी इस बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे देश के लिए शर्मनाक करार दिया और कहा कि भारत की संप्रभुता और सुरक्षा को लेकर इस तरह के बयान जिम्मेदार पदों पर रह चुके नेताओं को नहीं देने चाहिए।

टैरिफ मुद्दे से जुड़ा बयान

दरअसल पृथ्वीराज चव्हाण का यह बयान अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव के संदर्भ में आया था। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए थे। उसी कड़ी में बात को आगे बढ़ाते हुए चव्हाण ने कहा कि 50 प्रतिशत टैरिफ के साथ किसी भी देश के साथ व्यापार संभव नहीं है।

व्यापार को हथियार बनाने का आरोप

चव्हाण ने कहा कि टैरिफ का इस्तेमाल अब केवल आर्थिक नीति नहीं रह गया है, बल्कि इसे एक political weapon के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना था कि अगर अमेरिका इसी तरह दबाव बनाने की नीति अपनाता है, तो भारत को नए बाजारों की तलाश करनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस दिशा में प्रयास पहले से चल रहे हैं, लेकिन हालात गंभीर हैं।

बयान ने बढ़ाया सियासी तापमान

हालांकि टैरिफ और व्यापार को लेकर की गई टिप्पणी तक बात सीमित रहती, तो शायद इतना बड़ा विवाद न होता। लेकिन वेनेजुएला और भारत की तुलना करते हुए प्रधानमंत्री के किडनैप जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना राजनीतिक विरोधियों और आम जनता को नागवार गुजरा। यही वजह है कि बयान सामने आते ही राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया।

भाजपा का तीखा हमला

भाजपा ने इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस और पृथ्वीराज चव्हाण पर जमकर हमला बोला है। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सोच को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता गैरजिम्मेदार बयान देकर देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

कांग्रेस के लिए बढ़ी मुश्किल

इस विवाद ने कांग्रेस के लिए भी असहज स्थिति पैदा कर दी है। एक ओर पार्टी केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना चाहती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे बयान पार्टी की रणनीति पर ही सवाल खड़े कर देते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस को अपने नेताओं के बयानों पर ज्यादा नियंत्रण रखने की जरूरत है, ताकि मुद्दों से भटककर विवाद न खड़े हों।

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