दावोस 2026 में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने यूरोप की रूस के प्रति धीमी और असंगठित प्रतिक्रिया पर नाराजगी जताई। उन्होंने सैन्य और मानवीय सहायता बढ़ाने, निर्णायक कदम उठाने और वैश्विक जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया।
दावोस 2026: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपने यूरोपीय सहयोगियों पर कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि रूस द्वारा चार साल पहले किए गए आक्रमण और उसके लगातार जारी अंतरराष्ट्रीय आक्रामक व्यवहार के प्रति यूरोप की प्रतिक्रिया धीमी, बिखरी हुई और अपर्याप्त रही है। जेलेंस्की ने यह भाषण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ करीब एक घंटे तक बंद कमरे में हुई बातचीत के बाद दिया।
जेलेंस्की ने कहा कि यूरोप अब भी स्पष्ट और निर्णायक रूप से रूसी आक्रामकता का मुकाबला करने में विफल है। उन्होंने यूरोप को भटका हुआ बताया और कहा कि अमेरिका की शांति पहल के बीच यूक्रेन को पुतिन के रहमोकरम पर छोड़ दिया गया है। उनका मानना है कि यूरोप को अपनी रक्षा क्षमता पर ध्यान देना चाहिए और वैश्विक शक्ति बनने के अपने लक्ष्य को गंभीरता से लेना चाहिए।
ट्रंप से मुलाकात
जेलेंस्की ने अपने भाषण में बताया कि उन्होंने दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लगभग एक घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की। इस बैठक को ट्रंप ने "बहुत अच्छा" बताया, जबकि जेलेंस्की ने इसे "सार्थक" कहा। दोनों नेताओं के बीच रूस के प्रति रणनीति, यूक्रेन को दी जा रही सहायता और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई।
जेलेंस्की ने इस बातचीत के महत्व को दोहराते हुए कहा कि अमेरिका ने हमेशा यूक्रेन का समर्थन किया है, लेकिन यूरोप की प्रतिक्रिया उतनी ठोस नहीं रही। उन्होंने यूरोप के भीतर मतभेद और कई बार धीमी निर्णय प्रक्रिया के कारण यूक्रेन में आशंका और निराशा की भावना पैदा होने की बात कही।

यूरोप और रूस के बीच नीति में मतभेद
यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को आर्थिक, सैन्य और मानवीय सहायता दी है, लेकिन 27 देशों वाले यूरोपीय संघ (European Union) के सभी सदस्य समान रूप से शामिल नहीं हुए। जेलेंस्की ने कहा कि रूस के प्रति नीति में मतभेद और समय-समय पर धीमी प्रतिक्रिया ने यूरोप की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक संकटों में यूरोप को निर्णायक भूमिका निभानी चाहिए और केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा।
जेलेंस्की ने Europe को चेताया
जेलेंस्की ने अपने भाषण में पिछले साल दावोस में दिए गए संदेश को दोहराया। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल मैंने कहा था कि यूरोप को यह पता होना चाहिए कि वह खुद की रक्षा कैसे करे। एक साल बीत गया और स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। मैं आज भी वही बात दोहरा रहा हूं।’’ उन्होंने यूरोप को वैश्विक जिम्मेदारी निभाने और रूस के खिलाफ ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने अपने भाषण में फिल्म 'ग्राउंडहॉग डे' का उदाहरण दिया, जिसमें मुख्य किरदार हर दिन वही दिन बार-बार जीता है। जेलेंस्की ने कहा कि यूरोप की स्थिति भी इसी तरह है, जहां हर साल वही मुद्दे उठते हैं, लेकिन कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया जाता।
सैन्य सहायता के मुद्दे
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने यूरोपीय देशों से न केवल सैन्य सहायता बढ़ाने का आग्रह किया, बल्कि मानवीय संकट को कम करने के लिए भी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यूरोप के धीमे और असंगठित कदमों के कारण आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि यूरोप को एकजुट होकर रूस की आक्रामकता का जवाब देना चाहिए और वैश्विक स्तर पर एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहिए।











