दावोस पैनल में मस्क का कटाक्ष, शांति बोर्ड की महत्वाकांक्षा पर कसा तंज

दावोस पैनल में मस्क का कटाक्ष, शांति बोर्ड की महत्वाकांक्षा पर कसा तंज

दावोस में WEF पैनल के दौरान एलन मस्क ने ट्रंप के 'Board of Peace' पर तंज कसा। उन्होंने इसे 'Piece of Greenland' कहकर हंसाया और दर्शकों को हल्का-फुल्का व्यंग्य सुनाया। यह शांति प्रयासों की प्रतीकात्मक आलोचना भी रही।

World News: विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum – WEF) के दौरान दावोस में एक मजेदार पल सामने आया, जब स्पेसएक्स के फाउंडर एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'Board of Peace' पर तंज कसा। मस्क ब्लैकरॉक के CEO लैरी फिंक के साथ पैनल में शामिल हुए थे और वहां उन्होंने ट्रंप के बोर्ड के नाम पर कटाक्ष किया। मस्क ने कहा कि इसका नाम 'पीस' के बजाय 'पीस ऑफ ग्रीनलैंड' होना चाहिए था।

मस्क का बयान

एलन मस्क ने कहा, 'मैंने शांति शिखर सम्मेलन के गठन के बारे में सुना और मुझे लगा कि क्या यह 'पीस' है या ग्रीनलैंड का एक छोटा सा टुकड़ा या वेनेजुएला का एक छोटा सा टुकड़ा?' इस व्यंग्य पर वहां मौजूद दर्शक हंस पड़े। मस्क का यह अंदाज हल्का-फुल्का और मजाकिया था, लेकिन इसमें ट्रंप प्रशासन की महत्वाकांक्षाओं पर भी एक तंज छुपा हुआ था।

Board of Peace की मूल परिकल्पना

डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा युद्धविराम योजना की देखरेख के लिए विश्व नेताओं के एक छोटे समूह के रूप में इस बोर्ड की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य संघर्ष के मध्यस्थ के रूप में शांति प्रक्रिया को मजबूत करना था। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने इस बोर्ड की भूमिका को व्यापक बनाने की योजना बनाई और कई देशों को आमंत्रित किया।

एलन मस्क की टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब उनके और ट्रंप के बीच संबंध सुधार की ओर बढ़ रहे हैं। इससे पहले दोनों के बीच मतभेद सामने आए थे, लेकिन बाद में सुलह हो गई। मस्क ने मंच से यह भी कहा कि 'हम सब सिर्फ शांति चाहते हैं।'

Board of Peace की बढ़ती महत्वाकांक्षा

ट्रंप के बोर्ड की शुरुआती रूपरेखा केवल कुछ देशों के नेतृत्व वाले शांति प्रयासों तक सीमित थी, लेकिन बाद में इसमें कई देशों को शामिल करने और इसे व्यापक रूप देने की योजना बनी। मस्क ने अपने व्यंग्य में यही इंगित किया कि कभी-कभी बड़े राजनीतिक बोर्ड और उनके नाम वास्तविक उद्देश्य से हटकर प्रतीत होते हैं।

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