ब्राजील के राष्ट्रपति लूला से पीएम मोदी ने की फोन पर बातचीत, फरवरी में करेंगे दिल्ली का दौरा

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला से पीएम मोदी ने की फोन पर बातचीत, फरवरी में करेंगे दिल्ली का दौरा

ब्राजील, डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का मुखर आलोचक रहा है और लूला डी सिल्वा सरकार ने ट्रंप के कई फैसलों का खुले तौर पर विरोध किया है। इसके बावजूद, ब्राजील के राष्ट्रपति हमेशा से भारत के साथ मजबूत रिश्तों पर जोर देते आए हैं।

नई दिल्ली: भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक साझेदारी फिर से सुर्खियों में है। अमेरिका के टैरिफ नीतियों का मुखर विरोध करने वाले और भारत के करीबी मित्र माने जाने वाले ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत-ब्राजील संबंधों की प्रगति का मूल्यांकन किया और ग्लोबल साउथ के साझा हितों पर जोर दिया।

ब्राजील ने भारत की तरह ही अमेरिका से 50% टैरिफ का सामना किया है। ऐसे में दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।

पीएम मोदी ने साझा किए बातचीत के मुख्य बिंदु

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर बातचीत का विवरण साझा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति लूला से बात करके उन्हें खुशी हुई। मोदी ने लिखा कि भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी ने पिछले कुछ वर्षों में मजबूत गति पकड़ी है और आने वाले समय में यह नई ऊंचाइयों को छू सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्लोबल साउथ के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए भारत और ब्राजील का करीबी सहयोग अत्यंत जरूरी है।

मोदी ने लूला से यह भी आशा जताई कि उनका आगामी भारत दौरा AI समिट में भी शामिल होने का अवसर प्रदान करेगा। लूला 19 से 21 फरवरी तक भारत का दौरा करेंगे।

अमेरिका के टैरिफ और लूला का विरोध

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा, जो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के मुखर आलोचक हैं, ने साल 2025 में अमेरिका द्वारा ब्राजील और भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ के फैसलों का खुले तौर पर विरोध किया था। लूला ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति पर सोशल मीडिया के जरिए आरोप लगाया कि अमेरिका दुनिया पर हावी होने की कोशिश कर रहा है।

इस बीच भारत और ब्राजील ने गाजा संघर्ष के समाधान और स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए ट्रंप की शांति बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार नहीं किया है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच लगभग 45 मिनट लंबी बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सुधारों के लिए मिलकर काम करने, गाजा में शांति बहाल करने, और बहुपक्षवाद (Multilateralism) को बढ़ावा देने के अपने संकल्प दोहराए।

दोनों देशों ने वैश्विक दक्षिण (Global South) के लिए द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर भी चर्चा की। मोदी ने कहा कि भारत और ब्राजील के साझे प्रयासों से इन देशों के सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

दिल्ली दौरे की तैयारी

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला का भारत दौरा 19 से 21 फरवरी तक निर्धारित है। इस दौरे के दौरान वे विभिन्न द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे और AI समिट में भी भाग लेंगे। यह दौरा भारत और ब्राजील के बीच साझा आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित होगा।मोदी ने अपने संदेश में कहा, “भारत में उनका स्वागत करने का मैं बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।” यह दौरा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।

भारत और ब्राजील का यह गठजोड़ सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है। दोनों देश ग्लोबल साउथ के साझा हितों को लेकर समान दृष्टिकोण रखते हैं। वैश्विक मंच पर बहुपक्षवाद को बढ़ावा देना, रणनीतिक सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को मजबूती देना, और संयुक्त रूप से अंतरराष्ट्रीय विवादों में स्थायी समाधान तलाशना इस साझेदारी की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।

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