Gen Alpha से Gen Z तक! वीर बाल दिवस पर पीएम मोदी ने भारत मंडपम में युवाओं को किया संबोधित

Gen Alpha से Gen Z तक! वीर बाल दिवस पर पीएम मोदी ने भारत मंडपम में युवाओं को किया संबोधित

वीर बाल दिवस 2025 पर पीएम मोदी ने भारत मंडपम में युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने Gen Z और Gen Alpha पर भरोसा जताते हुए कहा कि यही पीढ़ी भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की ताकत बनेगी।

New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर बाल दिवस 2025 के अवसर पर राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के अद्वितीय बलिदान को नमन किया और कहा कि वीर बाल दिवस सिर्फ इतिहास को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को साहस, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देने का अवसर भी है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में खासतौर पर Gen Z और Gen Alpha की सराहना की और कहा कि उन्हें इस पीढ़ी के आत्मविश्वास और क्षमता पर पूरा भरोसा है। उनके मुताबिक यही पीढ़ी भारत को विकसित राष्ट्र यानी Developed India बनाने की दिशा में देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

Gen Z के आत्मविश्वास पर पीएम मोदी का भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच से कहा कि वह Gen Z और Gen Alpha की योग्यता और आत्मविश्वास को करीब से देखते और समझते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें इस पीढ़ी पर बहुत भरोसा है। पीएम मोदी के अनुसार आज के युवा संगठनों से जुड़े हैं, टेक्नोलॉजी को समझते हैं और देश के भविष्य को लेकर स्पष्ट सोच रखते हैं।

उन्होंने कहा कि आपकी generation ही भारत को विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचाएगी। आपकी सोच, आपकी ऊर्जा और आपका कॉन्फिडेंस देश को आगे बढ़ाने की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री ने युवाओं से आग्रह किया कि वे नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार रहें और राष्ट्र निर्माण में आगे आएं।

वीर साहिबजादों से सीख

पीएम मोदी ने वीर साहिबजादों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि इतनी छोटी उम्र में भी उन्होंने सही और गलत की पहचान की और अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यही सीख आज के युवाओं के लिए सबसे अहम है।

उन्होंने कहा कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन सोच और निर्णय बड़े हो सकते हैं। अगर कोई छोटा बच्चा भी ज्ञान की बात करता है, तो उसे स्वीकार करना चाहिए। पीएम मोदी ने संस्कृत के श्लोक का उल्लेख करते हुए यह बात कही और युवाओं को अपने विचारों पर भरोसा रखने की सलाह दी।

छोटी उम्र में बड़ी उपलब्धियां संभव

प्रधानमंत्री ने युवाओं की उपलब्धियों की तारीफ करते हुए कहा कि आज के बच्चे और युवा छोटी उम्र में ही बड़े-बड़े काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपने यह साबित कर दिया है कि उम्र कभी भी प्रतिभा की सीमा नहीं होती।

पीएम मोदी ने कहा कि इन उपलब्धियों को सिर्फ व्यक्तिगत सफलता के तौर पर नहीं देखना चाहिए, बल्कि इन्हें समाज और देश के लिए प्रेरणा बनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से कहा कि अपने सपनों को आसमान तक ले जाएं, क्योंकि देश आपके साथ मजबूती से खड़ा है।

बदलता भारत और युवाओं के नए अवसर

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए कहा कि एक समय था जब युवा सपने देखने से डरते थे। पुरानी व्यवस्था ने निराशा का माहौल बना दिया था, जहां प्रतिभा को आगे बढ़ने के पर्याप्त मौके नहीं मिलते थे।

लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। पीएम मोदी ने कहा कि अब देश प्रतिभा की तलाश करता है और 140 करोड़ नागरिकों की ताकत से मजबूत प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है। उन्होंने इंटरनेट, Startup Mission और युवाओं के लिए बनाए गए विभिन्न डिजिटल और विकास प्लेटफॉर्म का जिक्र किया।

नई शिक्षा नीति पर खास जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में नई शिक्षा नीति यानी New Education Policy की अहम भूमिका पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि यह नीति रटने वाली पढ़ाई से आगे बढ़कर व्यावहारिक शिक्षा, आलोचनात्मक सोच और सवाल पूछने की आदत को बढ़ावा देती है।

पीएम मोदी ने कहा कि पहली बार सरकार लर्निंग और थिंकिंग प्रोसेस को विकसित करने पर ज्यादा ध्यान दे रही है। उन्होंने Atal Tinkering Labs की तारीफ करते हुए कहा कि ये लैब्स Innovation और Design Thinking को बढ़ावा दे रही हैं और बच्चों को प्रयोग करने की आजादी दे रही हैं।

लोकप्रियता के ग्लैमर से दूर रहने की सलाह

प्रधानमंत्री ने युवाओं को सलाह दी कि वे बहुत ज्यादा फोकस्ड रहें और छोटी-मोटी लोकप्रियता या ग्लैमर के चक्कर में न पड़ें। उन्होंने कहा कि आपकी सोच साफ होनी चाहिए और सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा कि आदर्शों और महान हस्तियों से सीख लेना जरूरी है। वीर साहिबजादों के जीवन से यह सीख मिलती है कि मुश्किल रास्तों में भी सही निर्णय कैसे लिया जाता है।

व्यक्तिगत सफलता से समाज को प्रेरणा

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि व्यक्तिगत सफलता का मकसद सिर्फ खुद आगे बढ़ना नहीं होना चाहिए, बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब युवा आगे बढ़ते हैं, तो पूरे देश को दिशा मिलती है।

उन्होंने Skill Development, Internship, Sports Promotion, FinTech, Manufacturing और Yuva Bharat Platform जैसी योजनाओं का जिक्र किया और कहा कि इन सभी नीतियों के केंद्र में युवा ही हैं।

विकसित भारत की नींव युवा पीढ़ी

पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने नई शिक्षा नीति के Multi-disciplinary Approach और Technology के बेहतर इस्तेमाल को विकसित भारत की नींव बताया।

प्रधानमंत्री के मुताबिक हर सेक्टर में नए अवसर खुल रहे हैं और युवाओं को इनका पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा को आगे बढ़ने का मौका मिले और देश की प्रगति में उसकी भागीदारी हो।

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