गणतंत्र दिवस पूर्व संध्या पर देशवासियों को संबोधित करेंगी राष्ट्रपति, जानें समय और चैनल

गणतंत्र दिवस पूर्व संध्या पर देशवासियों को संबोधित करेंगी राष्ट्रपति, जानें समय और चैनल

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज शाम 7 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगी। यह संबोधन दूरदर्शन और आकाशवाणी पर प्रसारित होगा, जिसमें देश की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला जाएगा।

President Droupadi Murmu Address: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देशवासियों को संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। यह संबोधन हर साल की तरह देश के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश होता है, जिसमें राष्ट्र की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला जाता है। इस साल भी राष्ट्रपति का यह संबोधन राष्ट्रीय पर्व से पहले देश को एकजुट करने वाला रहेगा।

राष्ट्रपति का यह संदेश आज रविवार की शाम को प्रसारित किया जाएगा। इसे आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन (Doordarshan) के माध्यम से देशभर में सुना और देखा जा सकेगा। अगर आप राष्ट्रपति के विचार और संदेश सीधे सुनना चाहते हैं, तो तय समय पर टीवी या रेडियो से जुड़े रहना जरूरी है।

राष्ट्रपति का संबोधन कितने बजे और कहां देख सकते हैं

राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन आज शाम 7 बजे से प्रसारित होगा। यह भाषण आकाशवाणी के सभी राष्ट्रीय चैनलों पर एक साथ ब्रॉडकास्ट किया जाएगा। इसके साथ ही दूरदर्शन के सभी चैनलों पर भी इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा।

दूरदर्शन पर पहले यह संबोधन हिंदी भाषा में दिखाया जाएगा और इसके बाद अंग्रेजी (English) भाषा में इसका प्रसारण होगा। जो दर्शक टीवी, रेडियो और न्यूज चैनल, तीनों माध्यमों से लोग राष्ट्रपति का संदेश आसानी से सुन और समझ सकते हैं।

क्षेत्रीय भाषाओं में कब और कैसे सुन पाएंगे संबोधन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के इस संबोधन को केवल हिंदी और अंग्रेजी तक सीमित नहीं रखा गया है। देश की भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए इसे क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारित किया जाएगा। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, दूरदर्शन पर हिंदी और अंग्रेजी में प्रसारण के बाद यह भाषण क्षेत्रीय चैनलों पर क्षेत्रीय भाषाओं में दिखाया जाएगा।

इसके अलावा आकाशवाणी अपने संबंधित क्षेत्रीय चैनलों पर राष्ट्रपति के संबोधन को सुबह 9:30 बजे से प्रसारित करेगा। इससे उन लोगों को भी संदेश सुनने का मौका मिलेगा, जो अपनी मातृभाषा में राष्ट्रपति का संबोधन सुनना चाहते हैं। यह कदम देश के हर नागरिक तक संदेश पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गणतंत्र दिवस परेड का पूरा शेड्यूल जानिए

गणतंत्र दिवस का मुख्य कार्यक्रम 26 जनवरी को नई दिल्ली में इंडिया गेट के पास कर्तव्य पथ पर आयोजित किया जाएगा। इस दिन होने वाली परेड सुबह 9:30 बजे शुरू होगी। हालांकि इसकी लाइव ब्रॉडकास्टिंग सुबह 8 बजे से ही शुरू हो जाएगी, ताकि लोग पूरे कार्यक्रम को शुरू से देख सकें।

परेड से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेशनल वॉर मेमोरियल जाएंगे। वहां वे देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगी। ध्वजारोहण के बाद गणतंत्र दिवस की भव्य परेड की शुरुआत होगी।

परेड में दिखेगी भारत की सैन्य और सांस्कृतिक ताकत

गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सेना की अलग-अलग टुकड़ियां हिस्सा लेंगी। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों और सरकारी विभागों की झांकियां भी परेड का हिस्सा होंगी। ये झांकियां देश की सांस्कृतिक विविधता, विकास और उपलब्धियों को दर्शाती हैं। हर साल की तरह इस बार भी परेड में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रीय गौरव की झलक देखने को मिलेगी।

कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में लोग कर्तव्य पथ पर पहुंचकर इस ऐतिहासिक आयोजन को देखने आते हैं। टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी करोड़ों लोग इस परेड को लाइव देखते हैं, जिससे यह कार्यक्रम पूरे देश को एक सूत्र में बांधता है।

वायुसेना का फ्लाई-पास्ट बनेगा खास आकर्षण

परेड और झांकियों के बाद वायुसेना का फ्लाई-पास्ट कार्यक्रम होगा। इसमें इंडियन एयरफोर्स के फाइटर जेट आसमान में शानदार करतब दिखाएंगे। यह हिस्सा गणतंत्र दिवस समारोह का सबसे रोमांचक पल माना जाता है, जिसे देखने के लिए लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं।

आसमान में उड़ते फाइटर जेट देश की वायु शक्ति और तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन करते हैं। यह नजारा राष्ट्र की सुरक्षा और सैन्य ताकत का संदेश भी देता है, जो हर नागरिक के लिए गर्व का क्षण होता है।

इस साल गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि कौन होंगे

गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार मुख्य अतिथि यूरोप से होंगे। इस बार यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो लुईस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन भारत के गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगी।

विदेशी मेहमानों की मौजूदगी भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों और वैश्विक मंच पर बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। यह दौरा भारत और यूरोप के बीच सहयोग और साझेदारी को भी मजबूत करने का संकेत देता है।

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