सर्राफा बाजार में सोना सस्ता हुआ है, जिसमें 24 कैरेट के दाम गिरे हैं। इसके विपरीत चांदी की कीमतों में तेज़ उछाल देखा गया और उसका भाव बढ़ गया। निवेशकों और खरीदारों के लिए दोनों धातुओं में उतार-चढ़ाव अहम संकेत दे रहे हैं।
Gold-Silver Price Today: बीते शनिवार, 6 दिसंबर 2025 को सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई। इस गिरावट ने सोने के खरीदारों को थोड़ी राहत दी है, खासकर उन लोगों के लिए जो शादी-ब्याह या निवेश के लिए ज्वैलरी खरीदने की योजना बना रहे थे। बाजार में 18 से 24 कैरेट तक सभी कैटेगरी के सोने के दामों में कमी दर्ज की गई। इसके उलट चांदी की कीमतों में उछाल आया है, जिससे निवेशकों और व्यापारियों दोनों की नजरें चांदी पर टिक गई हैं।
सोने की कीमतों में गिरावट
24 कैरेट सोने, जिसे सबसे शुद्ध माना जाता है, के दाम में 540 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। इस गिरावट के बाद इसका नया भाव 1,30,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं, 22 कैरेट सोने के दाम में 500 रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जिससे इसका नया भाव 1,19,300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। आमतौर पर भारतीय घरों में सबसे ज्यादा खरीदे जाने वाले 18 कैरेट सोने के दाम भी 410 रुपये टूटकर 97,610 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट का मुख्य कारण पिछले सप्ताह की बाजार की नरमी और डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होना रहा। इसके अलावा, वैश्विक सोने की कीमतों में भी हल्की गिरावट आई, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा। इस गिरावट ने सोने के खरीदारों को थोड़ी राहत दी है, लेकिन निवेशकों के लिए सावधानी बरतना अभी भी जरूरी है।
सोने की पिछले एक साल की कहानी
पिछले 14 से 16 महीनों में सोने की कीमतों का सफर निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए रोमांचक रहा है। पिछले साल अगस्त में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 68,780 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसके बाद कीमतों में लगातार उछाल आया और इस साल अक्टूबर में धनतेरस के आसपास 24 कैरेट सोना 1,35,000 रुपये के ऐतिहासिक स्तर को छू गया।

यानी महज सवा साल के भीतर सोने ने 70 से 80 प्रतिशत तक की छलांग लगाई। इस अवधि में सोने के दामों में तेजी ने निवेशकों को अच्छा लाभ दिया, लेकिन आम खरीदार की जेब पर भारी बोझ भी डाला। इस रोलर कोस्टर यात्रा के दौरान सोने के खरीदारों और निवेशकों के लिए रणनीति बनाना चुनौतीपूर्ण रहा है।
चांदी की रफ्तार तेज़
जहां सोने ने कदम पीछे खींचे, वहीं चांदी ने लगातार नई ऊँचाइयों को छूते हुए निवेशकों को आश्चर्यचकित किया। बीते शनिवार को चांदी की कीमतों में 3,000 रुपये प्रति किलो की तेजी देखी गई। इसके बाद एक किलो चांदी का भाव 1,90,000 रुपये के पार पहुंच गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले सप्ताह चांदी ने रिटर्न के मामले में सोने को भी पीछे छोड़ दिया है। इसकी वजह वैश्विक बाजारों में चांदी की मांग में वृद्धि, औद्योगिक उपयोग में तेजी और निवेशकों का आकर्षण रहा। चांदी के इस तेजी ने निवेशकों के लिए नया अवसर प्रस्तुत किया है, खासकर उन लोगों के लिए जो अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट विकल्प की तलाश में हैं।
सोने और चांदी निवेश के लिए क्या करें
सोने और चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देता है। विशेषज्ञों की राय है कि सोने की गिरावट खरीदारी के लिए अच्छा अवसर हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबी अवधि में ज्वैलरी या सोने में निवेश करना चाहते हैं। वहीं, चांदी में तेजी ने निवेशकों की रुचि और बढ़ा दी है, लेकिन यहां सावधानी बरतना जरूरी है।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सोने और चांदी में निवेश करते समय बाजार के रुझान, वैश्विक कीमतों और घरेलू मांग का ध्यान रखें। इसके अलावा, छोटे निवेशक कुछ हिस्सों में धीरे-धीरे निवेश कर सकते हैं ताकि कीमतों में उतार-चढ़ाव का जोखिम कम हो।
शादी-ब्याह के मौसम में खरीदारों के लिए सुझाव
शादी-ब्याह के सीजन में सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट खरीदारों के लिए राहत भरी है। अगर आप इस समय ज्वैलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो 24 और 22 कैरेट सोने के दामों में यह गिरावट आपके बजट में मददगार साबित हो सकती है। वहीं, चांदी में तेजी को देखते हुए निवेश करने वाले लोग थोड़ी सतर्कता बरत सकते हैं।











