जेएनयू में फिर उथल-पुथल: लाइब्रेरी एंट्री सिस्टम पर हमला, छात्र संगठन आमने-सामने

जेएनयू में फिर उथल-पुथल: लाइब्रेरी एंट्री सिस्टम पर हमला, छात्र संगठन आमने-सामने

जेएनयू में फिर विवाद भड़क गया है। केंद्रीय लाइब्रेरी के नए एंट्री सिस्टम में तोड़फोड़ की गई, जिसे सिर्फ रजिस्टर्ड छात्रों की एंट्री के लिए लगाया गया था। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि यह हमला लेफ्ट से जुड़े छात्रों ने किया।

Delhi: नई दिल्ली से एक बार फिर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हंगामे की खबर सामने आई है। विश्वविद्यालय की केंद्रीय लाइब्रेरी में लगाए गए एंट्री सिस्टम को तोड़ दिया गया है। यह एंट्री सिस्टम इसलिए लगाया गया था ताकि केवल रजिस्टर्ड छात्र ही लाइब्रेरी में प्रवेश कर सकें। एबीवीपी का आरोप है कि इस सिस्टम को लेफ्ट विंग से जुड़े छात्रों ने तोड़ा है।

हाल ही में आए चुनाव नतीजों में लेफ्ट की जीत

नवंबर की शुरुआत में जेएनयू चुनाव के नतीजे घोषित हुए थे। इन चुनावों में लेफ्ट ने सभी चार महत्वपूर्ण पद— प्रेसिडेंट, उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव— पर जीत हासिल की। प्रेसिडेंट पद पर अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष पद पर के. गोपिका, महासचिव पद पर सुनील यादव और संयुक्त सचिव पद पर दानिश चुने गए। सभी उम्मीदवार लेफ्ट यूनाइटेड से थे।

पिछले वर्ष यानी 2024-25 के JNUSU चुनाव में भी लेफ्ट ने चार में से तीन पदों पर जीत दर्ज की थी। वहीं एबीवीपी ने दस साल बाद वापसी करते हुए संयुक्त सचिव पद जीता था। उस चुनाव में नीतीश कुमार (आइसा) अध्यक्ष बने थे।

इससे पहले भी भड़का था विवाद

अक्टूबर 2025 में जेएनयू परिसर में छात्रसंघ चुनाव की हलचल के बीच स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज की आम सभा की बैठक के दौरान भी हंगामा हुआ था। इस दौरान एबीवीपी और लेफ्ट समर्थित छात्र समूहों ने एक-दूसरे पर हिंसा करने, हमला करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप लगाया था।

नवंबर में होने वाले छात्रसंघ चुनाव के कारण लगातार आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे थे। एबीवीपी का आरोप था कि बैठक के दौरान एक वामपंथी सदस्य ने आपत्तिजनक और भेदभावपूर्ण टिप्पणी की थी। वहीं आइसा ने आरोप लगाया था कि एबीवीपी के सदस्य आम सभा की बैठक को बाधित कर रहे थे, छात्रों को परेशान किया गया और उन पर शारीरिक हमला किया गया।

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