बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे INDIA गठबंधन के लिए बड़ा झटका साबित हुए हैं। इस चुनाव के परिणामों के बाद पड़ोसी राज्य झारखंड में भी सियासी अटकलें तेज हो गई हैं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पाला बदल सकते हैं।
रांची: झारखंड की राजनीति में सियासी हलचल तेज हो गई है। हाल के दिनों में यह खबरें सामने आई हैं कि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा के साथ जा सकते हैं। इस अटकलों ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है, हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान देकर साफ कर दिया है कि झारखंड में उनका गठबंधन पूरी तरह मजबूत और एकजुट है।
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल का बयान
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात की और इसे लेकर X (पूर्व ट्विटर) पर बयान साझा किया। उन्होंने कहा:
'आज झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात की। इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि झारखंड में हमारा भारत गठबंधन पूरी तरह से मजबूत और एकजुट है। हमारा गठबंधन जन-केंद्रित कल्याण नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो झारखंड के प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करती हैं। दक्षिणपंथी ट्रोल नेटवर्क द्वारा प्रचारित अफवाहें उनकी बढ़ती हताशा और राजनीतिक असुरक्षा का संकेत हैं। हम इस तरह की सस्ती ट्रोलिंग से प्रभावित नहीं होते और लोगों ने जो भरोसा जताया है, वह कभी कम नहीं होगा। हमारी एकता बरकरार है और हमारा उद्देश्य स्पष्ट है।'
केसी वेणुगोपाल के इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि झारखंड में कांग्रेस-जम्मू गठबंधन स्थिर है और किसी तरह का सियासी बदलाव फिलहाल नहीं होने वाला।

क्यों बढ़ी सियासी अटकलें?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि हाल ही में हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन की दिल्ली यात्रा ने इन अटकलों को हवा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान हेमंत सोरेन की भाजपा के शीर्ष नेता से मुलाकात हुई थी। झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से शुरू होने वाला है, और इसी सत्र से पहले हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन बुधवार को रांची लौट आए।
इस दौर को लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चा चल रही थी कि कहीं मुख्यमंत्री गठबंधन बदलने की योजना तो नहीं बना रहे हैं। झारखंड में वर्तमान में जेएमएम, कांग्रेस और राजद के गठबंधन की सरकार है। विधानसभा में कुल 80 सीटें हैं और बहुमत के लिए 41 सीटें जरूरी हैं।
सत्तारूढ़ गठबंधन: 56 सीटें
- जेएमएम: 34
- कांग्रेस: 16
- राजद: 4
- सीपीआई-एमएल (एल): 2
विपक्षी दल: 24 सीटें
- भाजपा: 21
- एलजेपी: 1
- आजसू: 1
- जेडीयू: 1
- अन्य: 1
इस गणित के अनुसार, वर्तमान गठबंधन के पास सुरक्षित बहुमत है। यही वजह है कि कांग्रेस ने सियासी अटकलों को खारिज करते हुए गठबंधन की मजबूती पर जोर दिया। हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे भी झारखंड की सियासी चर्चाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। बिहार में NDA की जीत के बाद राजनीतिक विश्लेषकों ने अनुमान लगाया कि पड़ोसी राज्यों में भी सत्ता समीकरण बदल सकते हैं। इसी कारण झारखंड में भी हेमंत सोरेन के पाला बदलने की अटकलें तेज हुईं, हालांकि केसी वेणुगोपाल ने इसे स्पष्ट रूप से खारिज किया है।











