कांग्रेस ने लोकसभा सांसदों को जारी किया व्हिप, 9–11 मार्च तक सदन में अनिवार्य उपस्थिति के दिए निर्देश

कांग्रेस ने लोकसभा सांसदों को जारी किया व्हिप, 9–11 मार्च तक सदन में अनिवार्य उपस्थिति के दिए निर्देश

Indian National Congress ने बजट सत्र के दूसरे चरण को ध्यान में रखते हुए अपने लोकसभा सांसदों को 9 से 11 मार्च तक सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए थ्री-लाइन व्हिप जारी किया है।

नई दिल्ली: भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टी Indian National Congress ने संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण से पहले अपने लोकसभा सांसदों को 9 से 11 मार्च के बीच सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए तीन-लाइन व्हिप जारी किया है। पार्टी का यह कदम संसद में संभावित महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों और चर्चाओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

सूत्रों के अनुसार, इन दिनों संसद के निचले सदन Lok Sabha में लोकसभा अध्यक्ष Om Birla के खिलाफ प्रस्तावित ‘रिमूवल रिज़ॉल्यूशन’ (पद से हटाने का प्रस्ताव) पर चर्चा और मतदान हो सकता है। इसी संभावना को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने अपने सांसदों को पूरी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

बजट सत्र का दूसरा चरण

भारत की संसद का बजट सत्र इस साल 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति Droupadi Murmu के संयुक्त संबोधन के साथ शुरू हुआ था। परंपरा के अनुसार, राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद दोनों सदनों में उस पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होती है। सत्र का पहला चरण कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों के कारण चर्चा में रहा। वहीं अब दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक चलने वाला है। 

इस दौरान सरकार द्वारा विभिन्न विधेयकों पर चर्चा, बजट से जुड़े विधायी कार्य और विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले राजनीतिक मुद्दे प्रमुख एजेंडा में शामिल रहने की संभावना है।

लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव

संसदीय प्रणाली में तीन-लाइन व्हिप को बेहद गंभीर निर्देश माना जाता है। इसका अर्थ होता है कि संबंधित पार्टी के सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहना और पार्टी की आधिकारिक लाइन के अनुसार मतदान करना अनिवार्य होता है। यदि कोई सांसद बिना अनुमति के इस निर्देश का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ पार्टी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी कर सकती है। कांग्रेस द्वारा जारी यह व्हिप संकेत देता है कि आने वाले दिनों में संसद में कोई महत्वपूर्ण राजनीतिक मतदान या संवैधानिक प्रक्रिया हो सकती है।

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ पद से हटाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसी प्रस्ताव पर संभावित चर्चा और मतदान को देखते हुए कांग्रेस ने अपने सांसदों को पूरी तरह सतर्क रहने और सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। लोकसभा अध्यक्ष का पद भारतीय संसदीय लोकतंत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। अध्यक्ष सदन की कार्यवाही का संचालन करते हैं और संसदीय नियमों के पालन को सुनिश्चित करते हैं। इसलिए इस पद से संबंधित किसी भी प्रस्ताव पर चर्चा आमतौर पर व्यापक राजनीतिक और संवैधानिक महत्व रखती है।

बजट सत्र के पहले चरण में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली थी। खासतौर पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और पूर्व सेना प्रमुख General Manoj Mukund Naravane की अप्रकाशित आत्मकथा से जुड़े मुद्दों को लेकर संसद में हंगामा हुआ था।

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