Om Birla के खिलाफ विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है। All India Trinamool Congress ने भी इसे समर्थन देने का फैसला किया है, जिससे संसद के बजट सत्र से पहले राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
New Delhi: लोकसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण से पहले संसद की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। लोकसभा अध्यक्ष Om Birla के खिलाफ विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) लाने की तैयारी कर रहा है। इस प्रस्ताव को विपक्षी दलों का समर्थन मिल रहा है और अब Mamata Banerjee की पार्टी All India Trinamool Congress ने भी इसे समर्थन देने का फैसला किया है।
जानकारी के अनुसार तृणमूल कांग्रेस के सांसद पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी के निर्देश पर लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब संसद का बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होने वाला है। ऐसे में संसद के अंदर राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
बजट सत्र से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
लोकसभा का बजट सत्र (Budget Session) भारतीय संसद का सबसे महत्वपूर्ण सत्र माना जाता है। इसी दौरान सरकार आर्थिक नीतियों और बजट से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले पेश करती है।
इस बार बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होना है। इसी चरण के दौरान विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव को लेकर संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार विपक्ष इस मुद्दे को संसद में जोरदार तरीके से उठाने की योजना बना रहा है। ऐसे में सत्र के दौरान सदन में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।
कांग्रेस सांसदों ने लगाया पक्षपात का आरोप
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाने की पहल कांग्रेस के कुछ सांसदों ने की है। कांग्रेस सांसद Mohammed Javed, Kodikunnil Suresh और Mallikarjun Kharge के करीबी नेता Mallu Ravi ने अध्यक्ष ओम बिरला पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस सांसदों का आरोप है कि लोकसभा अध्यक्ष ने कई मौकों पर विपक्षी नेताओं के साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया है। उनके अनुसार सदन में विपक्षी नेताओं को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
सांसदों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने की कोशिश करने वाले विपक्षी सांसदों को पूरे संसदीय सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। कांग्रेस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से संसद में विपक्ष की आवाज कमजोर होती है।
राहुल गांधी को बोलने से रोकने का आरोप
विपक्ष की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के नेता Rahul Gandhi समेत कई नेताओं को सदन में बोलने से रोका।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि संसद लोकतांत्रिक चर्चा का मंच है और यहां सभी दलों को अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि इस सिद्धांत का पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार जब भी विपक्ष ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की मांग की, तब कई बार उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया गया। इसी कारण विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया है।
विपक्षी महिला सांसदों के खिलाफ आरोपों पर भी विवाद
कांग्रेस सांसदों ने यह भी आरोप लगाया है कि लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी महिला सांसदों के खिलाफ निराधार आरोप लगाए। विपक्ष के अनुसार इस तरह की टिप्पणियों से संसद के माहौल पर असर पड़ता है।
सांसदों का कहना है कि सदन का संचालन करते समय अध्यक्ष को पूरी तरह निष्पक्ष रहना चाहिए। विपक्ष का आरोप है कि हाल के कुछ घटनाक्रमों में यह निष्पक्षता दिखाई नहीं दी। इसी वजह से विपक्ष ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया है।
सत्ताधारी दल के सांसदों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप
विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि जहां विपक्षी सांसदों पर कड़ी कार्रवाई की गई, वहीं सत्ताधारी दल के कुछ सांसदों पर कार्रवाई नहीं की गई।
कांग्रेस सांसदों का कहना है कि कुछ मौकों पर सत्ताधारी दल के सांसदों ने पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं, लेकिन उन्हें फटकार तक नहीं लगाई गई।
विपक्ष का कहना है कि यदि संसद में अनुशासन बनाए रखना है तो नियम सभी सांसदों पर समान रूप से लागू होने चाहिए। विपक्ष ने इसी मुद्दे को भी अविश्वास प्रस्ताव का एक कारण बताया है।
संसद की कार्यसूची में भी दर्ज हुआ मुद्दा
लोकसभा की कार्यसूची में भी इस प्रस्ताव का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि अध्यक्ष के आचरण को लेकर विपक्ष के बीच गंभीर चिंता है।
कार्यसूची में यह भी उल्लेख किया गया है कि विपक्ष के नेता और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने से रोकना, विपक्षी महिला सांसदों पर आरोप लगाना और विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित करना जैसे मुद्दों ने विवाद को बढ़ाया है।
विपक्ष का कहना है कि इन घटनाओं के कारण लोकसभा अध्यक्ष पर सभी दलों का विश्वास कम हुआ है। उनका मानना है कि सदन के संचालन के लिए अध्यक्ष का निष्पक्ष होना बेहद जरूरी है।
भाजपा और कांग्रेस ने जारी किया तीन लाइन का व्हिप
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सत्ताधारी Bharatiya Janata Party और विपक्षी Indian National Congress दोनों ने अपने सांसदों को तीन पंक्ति का व्हिप (Three-Line Whip) जारी किया है।
इस व्हिप के तहत सांसदों से 9 मार्च से 11 मार्च तक लोकसभा में उपस्थित रहने को कहा गया है। यह कदम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में संसद में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम हो सकते हैं।
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव किस तरह आगे बढ़ता है और इस पर सदन में क्या प्रतिक्रिया होती है।











