रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत के दो दिवसीय दौरे पर आए हैं। वे पीएम मोदी से निजी रात्रिभोज में मिलेंगे और शुक्रवार को बिजनेस फोरम व समिट मीटिंग में हिस्सा लेंगे, जहां डिफेंस, ऊर्जा व व्यापार पर अहम चर्चा होगी।
Putin India Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज भारत की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंच रहे हैं। यह दौरा वैश्विक परिस्थितियों, अमेरिका और रूस के बीच बढ़ते तनाव तथा भारत की विदेश नीति के बदलते समीकरणों के बीच बेहद अहम माना जा रहा है। अपनी इस यात्रा में पुतिन रक्षा सहयोग, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार रात उनके सम्मान में एक विशेष निजी रात्रिभोज का आयोजन करेंगे। इसके अलावा शुक्रवार को दोनों नेता इंडिया-रूस बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगे। इन कार्यक्रमों और बैठकों के कारण दुनिया की नजरें इस यात्रा पर टिकी हुई हैं।
भारत पहुंचेंगे 28 घंटे के खास दौरे पर
रूसी राष्ट्रपति लगभग 28 घंटे भारत में रहेंगे। सीमित लेकिन बेहद अहम कार्यक्रमों से भरी यह यात्रा भारत-रूस साझेदारी की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है। इस दौरान कई रणनीतिक और आर्थिक समझौतों पर चर्चा होने की उम्मीद है। रूस के राष्ट्रपति का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब अमेरिका ने भारत से आयातित कई उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगा दिया है और रूस से आने वाले कच्चे तेल पर भी नई लेवी लागू की गई है।
पीएम मोदी द्वारा आयोजित विशेष निजी रात्रिभोज
गुरुवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आधिकारिक आवास पर राष्ट्रपति पुतिन के लिए प्राइवेट डिनर होस्ट करेंगे। माना जा रहा है कि यह बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि जुलाई 2024 में पुतिन ने मॉस्को के बाहर अपने आधिकारिक आवास नोवो-ओगारयोवो में पीएम मोदी के साथ करीब चार घंटे निजी बातचीत की थी। उसी तरह की गोपनीय और महत्वपूर्ण बातचीत भारत में होने की उम्मीद जताई जा रही है।
शुक्रवार को कई प्रमुख कार्यक्रमों में भाग लेंगे पुतिन
राष्ट्रपति पुतिन शुक्रवार सुबह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद वे इंडिया-रूस बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे, जहां दोनों देश व्यापार विस्तार, निवेश, तकनीकी सहयोग और ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इसके साथ ही पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन 23वें भारत-रूस समिट मीटिंग के दौरान रक्षा संबंधों, छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMR), व्यापार संतुलन और पारस्परिक सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा करेंगे।

पुतिन की यात्रा क्यों मानी जा रही बेहद महत्वपूर्ण
यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका और रूस के बीच टकराव अपने चरम पर है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि पुतिन युद्ध समाप्त करना चाहते हैं। इस बयान के बाद भारत की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि भारत लगातार यह स्पष्ट कर चुका है कि किसी भी संघर्ष का समाधान बातचीत और डिप्लोमेसी से ही संभव है। इसी कारण इस दौरे में यूक्रेन मुद्दे पर भी अहम बातचीत होने की उम्मीद है।
अमेरिका के साथ तनाव में भारत-रूस समीकरण
अमेरिकी टैरिफ और रूस से भारत के कच्चे तेल आयात पर सख्ती के कारण भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव बढ़ा है। 50 प्रतिशत इम्पोर्ट ड्यूटी और रूसी तेल पर 25 प्रतिशत लेवी ने भारतीय ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव बढ़ाया है। इन परिस्थितियों के बीच रूस के राष्ट्रपति का भारत आना कई मायनों में रणनीतिक संकेत देता है। माना जा रहा है कि समिट में भारत-रूस तेल व्यापार पर अमेरिकी निर्णयों के प्रभाव पर भी चर्चा होगी।
पुतिन का पूरा यात्रा कार्यक्रम
राष्ट्रपति पुतिन का विस्तृत शेड्यूल इस प्रकार है।
• गुरुवार शाम 4.30 बजे पुतिन दिल्ली पहुंचेंगे।
• उनका विशेष विमान दिल्ली एयरपोर्ट के हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में लैंड करेगा।
• गुरुवार रात पीएम मोदी अपने आवास पर उनके लिए निजी रात्रिभोज का आयोजन करेंगे।
• शुक्रवार सुबह पुतिन राजघाट जाएंगे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे।
• इसके बाद वे इंडिया-रूस बिजनेस फोरम में शामिल होंगे और कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
• शुक्रवार को पुतिन रूसी सरकारी ब्रॉडकास्टर के नए इंडिया चैनल का लॉन्च भी करेंगे।
• फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा आयोजित सरकारी भोज में हिस्सा लेंगे।
• समिट मीटिंग के दौरान पीएम मोदी हैदराबाद हाउस में पुतिन और उनके डेलीगेशन के लिए वर्किंग लंच होस्ट करेंगे।
• शुक्रवार रात लगभग 9.30 बजे राष्ट्रपति पुतिन की भारत से वापसी की उम्मीद है।
रूस ने साफ किया—भारत को तेल सप्लाई जारी रहेगी
मॉस्को की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि पश्चिमी देशों के बैन और अमेरिकी टैरिफ के बावजूद रूस भारत को तेल सप्लाई जारी रखेगा। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि कुछ समय के लिए आपूर्ति में हल्की कमी आ सकती है, लेकिन रूस सप्लाई स्थिर करने के लिए कदम उठा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि समिट के दौरान पुतिन भारत को यूक्रेन को लेकर अमेरिका की नई पहल के बारे में अवगत कराएंगे।
क्या है इंडिया-रूस बिजनेस फोरम
भारत और रूस के बीच एक विशेष वार्षिक तंत्र है जिसके तहत दोनों देशों के शीर्ष नेता हर साल समिट मीटिंग करते हैं। पिछले 22 वर्षों में भारत और रूस में बारी-बारी से 22 समिट आयोजित की जा चुकी हैं। पिछले साल पीएम मोदी मॉस्को गए थे और उससे पहले 2021 में पुतिन नई दिल्ली आए थे।










