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Smartphone Myths vs Facts: अफवाहों पर भरोसा करने से पहले जानें क्या है सच

Smartphone Myths vs Facts: अफवाहों पर भरोसा करने से पहले जानें क्या है सच

स्मार्टफोन और अन्य गैजेट को लेकर फैली कई अफवाहें आज भी लोगों के बीच भ्रमित करती हैं। एयरप्लेन मोड में तेजी से चार्ज होने, बैकग्राउंड ऐप्स बंद करने, भीगे फोन को चावल में रखने और फ्रीजर में बैटरी ठीक होने जैसी मान्यताएं वैज्ञानिक रूप से गलत हैं। सही जानकारी अपनाकर डिवाइस की सुरक्षा और बैटरी जीवन बढ़ाया जा सकता है।

Smartphone myths and truths: स्मार्टफोन और अन्य गैजेट को लेकर सोशल मीडिया और आम जीवन में कई अफवाहें चल रही हैं, जिनमें एयरप्लेन मोड में तेजी से चार्ज होना, बैकग्राउंड ऐप्स बंद करने से बैटरी बचना, भीगे फोन को चावल में रखना और फ्रीजर में बैटरी ठीक होना शामिल हैं। हालांकि, तकनीकी जानकारियों के अनुसार ये सभी धारणा गलत हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि कंपेटिबल चार्जर और सही इस्तेमाल से ही बैटरी सुरक्षित रहती है। सही जानकारी अपनाकर उपयोगकर्ता अपने स्मार्टफोन और गैजेट की उम्र बढ़ा सकते हैं और फायदेमंद उपयोग सुनिश्चित कर सकते हैं।

एयरप्लेन मोड में चार्जिंग तेज होती है

कई लोगों का मानना है कि एयरप्लेन मोड में फोन जल्दी चार्ज होता है। लेकिन वास्तविकता यह है कि एयरप्लेन मोड केवल फोन के सिग्नल सर्च को रोकता है, जिससे चार्जिंग स्पीड पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ता। तेज और सुरक्षित चार्जिंग के लिए हमेशा कंपेटिबल चार्जर और केबल का इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि, अगर फोन पूरी तरह बंद कर दिया जाए तो बैकग्राउंड प्रोसेस बंद होने के कारण चार्जिंग थोड़ी जल्दी हो सकती है।

बैकग्राउंड ऐप्स बंद करने से बैटरी बचती है

यह धारणा पूरी तरह गलत है। बार-बार ऐप्स को बंद करके पुनः खोलना बैटरी की खपत बढ़ा देता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ऐप्स हर बार RAM में री-लोड होती हैं, जिससे ऊर्जा अधिक खर्च होती है। बैटरी बचाने के लिए ऐप्स को बैकग्राउंड में चलने देना ही बेहतर माना जाता है।

भीगे हुए फोन को चावल में रखना

कई लोग सोचते हैं कि भीगे हुए स्मार्टफोन को चावल में रखने से नमी दूर हो जाएगी। वास्तविकता यह है कि चावल केवल सतह की नमी धीरे-धीरे सोखता है और यह मजबूत ड्राइंग एजेंट नहीं है। साथ ही, चावल से निकलने वाले छोटे पार्टिकल्स चार्जिंग पोर्ट और अन्य संवेदनशील हिस्सों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। पानी से भीगे फोन को सुखाने के लिए पेशेवर मदद लेना ही सही तरीका है।

फ्रीजर में बैटरी ठीक हो जाती है

कुछ लोग स्लो चार्ज या ओवरहीट बैटरी को फ्रीजर में रख देते हैं। यह पूरी तरह गलत है। आधुनिक लिथियम-आयन बैटरियां अत्यधिक ठंडे या गर्म तापमान के लिए डिजाइन नहीं होती। फ्रीजर में रखने से बैटरी की केमिकल रिएक्शन धीमी हो जाती है, जिससे चार्जिंग प्रभावित होती है और बैटरी की उम्र घट जाती है।

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