लोकसभा में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है। रिजिजू ने सांसदों के अनुचित व्यवहार की बात कही और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की चेतावनी दी।
नई दिल्ली: बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बीच तीखी बहस हुई। यह बहस खास तौर पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और कांग्रेस की महिला सांसदों को लेकर उठे विवाद पर केंद्रित रही। केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा स्पीकर पर आरोप लगाया कि उन्होंने कांग्रेस की महिला सांसदों को लेकर अपमानजनक और गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया।
केसी वेणुगोपाल का हमला
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने दावा किया कि उनके पास यह पुख्ता जानकारी थी कि कांग्रेस की महिला सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक जाकर कुछ अप्रत्याशित घटना अंजाम दे सकती हैं। वेणुगोपाल ने इस बयान को अपमानजनक बताते हुए पूछा कि इस जानकारी की पुष्टि उन्हें कहां से मिली और इसे पुलिस के साथ क्यों साझा नहीं किया गया। उनका कहना था कि लोकसभा अध्यक्ष का कर्तव्य सदन के प्रत्येक सदस्य का संरक्षक होना है। यदि अध्यक्ष सत्तारूढ़ दल के इशारों पर कार्य करता है, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
अध्यक्ष पर दबाव का आरोप
वेणुगोपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने लोकसभा अध्यक्ष के हाथ बांध दिए हैं। उन्हें सत्तारूढ़ दल की इच्छा अनुसार काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा होने पर सदन का स्वतंत्र और निष्पक्ष संचालन प्रभावित होता है। वेणुगोपाल ने कहा कि लोकतंत्र में अध्यक्ष का रोल अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनका काम केवल एक पक्ष के पक्ष में नहीं होना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू का जवाब

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वेणुगोपाल की टिप्पणियों का तीखा विरोध किया। रिजिजू ने कहा कि बजट सत्र के पिछले चरण में लगभग 25 से 30 कांग्रेस सांसद अध्यक्ष के कमरे में गए थे और उनका व्यवहार अत्यंत अनुचित था। मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाए, तो कांग्रेस सांसदों का व्यवहार पूरी दुनिया के सामने शर्मनाक साबित होगा। उनका कहना था कि वेणुगोपाल की आलोचना पूरी तरह अनुचित है और इसने सदन की गरिमा को चुनौती दी।
नेता प्रतिपक्ष के अधिकारों पर सवाल
वेणुगोपाल ने यह भी आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने से रोका जाता है और उनका माइक बंद कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि पिछली बार सत्तापक्ष के सदस्यों ने पंडित जवाहरलाल नेहरू पर हमला बोला था, लेकिन अब उनकी तारीफ कर रहे हैं। वेणुगोपाल ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए भविष्य में वे राहुल गांधी की भी प्रशंसा करेंगे, ताकि विपक्ष की भूमिका सुरक्षित रहे।
लोकतंत्र और सदन की गरिमा
केसी वेणुगोपाल की टिप्पणी इस ओर इशारा करती है कि संसद में विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का काम सभी सदस्यों के अधिकारों की रक्षा करना है। यदि अध्यक्ष किसी एक पक्ष के प्रभाव में कार्य करता है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनके अनुसार लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सीसीटीवी फुटेज का विवाद
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि कांग्रेस सांसदों के व्यवहार पर सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने से सच्चाई सामने आएगी। उनका तर्क था कि ऐसा करने से यह स्पष्ट हो जाएगा कि विपक्ष ने स्वयं अपनी भूमिका को कैसे निभाया। उन्होंने कहा कि संसद में सभी गतिविधियों की निगरानी आवश्यक है और किसी भी सदस्य का अनुचित व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।











