प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विवाह पंचमी के शुभ मुहूर्त पर अयोध्या पहुंचे, जहां वह राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा और दर्शन करेंगे। दोपहर में वह मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और पूरा परिसर आध्यात्मिक माहौल में डूबा है।
PM Modi Ayodhya Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर की यात्रा पर आ रहे हैं। यह भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। यह दौरा मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की शुभ पंचमी और भगवान राम व माता सीता की विवाह पंचमी के विशेष अभिजीत मुहूर्त के साथ हो रहा है। इस दिन गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस भी है, जिन्होंने 17वीं सदी में अयोध्या में ध्यान किया था।
पूजा और दर्शन का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी सुबह लगभग 10 बजे अयोध्या में विभिन्न प्राचीन मंदिरों के दर्शन करेंगे। वह सप्तमंदिर, शेषावतार मंदिर और माता अन्नपूर्णा मंदिर में पूजा करेंगे। इसके बाद वह राम दरबार गर्भ गृह और राम लला गर्भ गृह में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। इस यात्रा को विशेष आध्यात्मिक महत्व इसलिए भी मिल रहा है क्योंकि यह राम मंदिर के निर्माण की पूर्णता के महत्वपूर्ण चरण के रूप में देखा जा रहा है।
शिखर पर भगवा ध्वज फहराने की तैयारी
दोपहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर 10 गुणा 20 फुट का भगवा ध्वज फहराएंगे। यह ध्वज राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और मंदिर निर्माण के पूर्ण चरण का प्रतीक बताया जा रहा है। ध्वज में भगवान श्री राम की प्रतिभा और राम राज्य के आदर्शों को दर्शाने वाले विशेष निशान शामिल किए गए हैं। इस आयोजन को एक नए सांस्कृतिक युग की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
मंदिर की वास्तुकला का महत्व

राम मंदिर के शिल्प में उत्तर भारतीय नागर शैली के साथ दक्षिण भारतीय वास्तुकला के विशेष तत्वों को जोड़ा गया है। मंदिर परिसर में वाल्मीकि रामायण के प्रसंगों को बारीकी से उकेरा गया है। पूरी संरचना को कांस्य सांस्कृतिक चित्रणों से और अधिक जीवंत बनाया गया है। यह क्षण भारत की भक्ति परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक एकता का उत्सव है।
महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर बढ़ी सुरक्षा
अयोध्या यात्रा में कई बड़े नेता शामिल होने वाले हैं। इसी वजह से महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री की उपस्थिति और विशाल आयोजन को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी कार्यक्रम सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरे हों।
गुरुकुल छात्रों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण
ध्वजारोहण समारोह से पहले अयोध्या के एक गुरुकुल के छात्रों ने एक साथ वैदिक मंत्र पढ़े। इससे पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। यह आयोजन राम विवाह पंचमी के शुभ अभिजीत मुहूर्त में हो रहा है, जिसकी वजह से इसका आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया है। पूरे उत्तर प्रदेश में इस मौके पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है क्योंकि प्रधानमंत्री मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराने वाले हैं।
चंपत राय ने ध्वज के महत्व की जानकारी दी
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय ने बताया कि विवाह पंचमी पर सुबह 11.50 बजे के बाद मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह झंडा भगवा रंग का है, जो त्याग और भक्ति का प्रतीक है। इस झंडे की ऊंचाई 10 फुट और लंबाई 20 फुट है। यह त्रिकोण आकार में तैयार किया गया है। समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, RSS सरसंघचालक मोहन भागवत, स्वामी गोविंददेव गिरी, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री उपस्थित रहेंगे।
विवाह पंचमी पर सरयू घाट की रौनक
अयोध्या में विवाह पंचमी के मौके पर भक्तों ने सरयू घाट पर पवित्र डुबकी लगाई। भक्तों ने प्रार्थना की और इस दिन को आध्यात्मिक भक्ति के साथ मनाया। इसी शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे। यह आयोजन विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त में हो रहा है, जिससे इसका महत्व और बढ़ गया है।











