उत्तर प्रदेश में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होगी। लगभग 20 प्रस्तावों पर निर्णय संभव है। अयोध्या मंदिर संग्रहालय, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, पेयजल योजना और स्टेडियम सुधार जैसे विकास प्रस्तावों पर चर्चा होगी।
Yogi Cabinet Meeting: उत्तर प्रदेश में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में लगभग 20 प्रस्तावों पर मंजूरी मिलने की संभावना है। योगी सरकार की यह बैठक राज्य के विकास को गति देने और विभिन्न नई योजनाओं को लागू करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों से विशेष रूप से दो जिलों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
अयोध्या में भव्य मंदिर संग्रहालय का निर्माण
कैबिनेट बैठक में पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी, जिसमें अयोध्या में विश्व स्तरीय मंदिर संग्रहालय का निर्माण और संचालन शामिल है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश अधीनस्थ पर्यटन सेवा नियमावली-2025 को भी मंजूरी मिलने की संभावना है। अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा की स्थापना के बाद यह संग्रहालय राज्य के पर्यटन और धार्मिक महत्व को और बढ़ाएगा।
औद्योगिक निवेश का प्रस्ताव
बैठक में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के राप्ती नदी पर स्थित पुल के क्षतिग्रस्त तटबंध के निर्माण पर भी निर्णय लिया जा सकता है। इसके अलावा औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 तथा अवस्थापना और औद्योगिक निवेश नीति-2012 के तहत कई कंपनियों को अनुदान देने का प्रस्ताव भी कैबिनेट से अनुमोदन की राह देख रहा है। इन नीतियों के तहत गठित एंपावर्ड कमेटियों ने पहले ही संस्तुति दे दी है।
वाराणसी के डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में सुधार प्रस्ताव
कैबिनेट बैठक में डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम वाराणसी के संचालन, प्रबंधन और रख-रखाव के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुबंधन पत्र को मंजूरी देने का प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव के तहत स्टेडियम को राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCE) के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य निर्धारित होंगे।
उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022 में संशोधन कर नौकरी पर कार्यरत खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, प्रशिक्षण शिविरों आदि में भाग लेने के दौरान व्यतीत समय को ड्यूटी अवधि में शामिल करने की व्यवस्था की जाएगी। इसमें यात्रा समय को भी शामिल किया गया है, जिससे खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के दौरान सेवा लाभ में सुविधा मिलेगी।
शहरी रूपांतरण मिशन-2.0 के तहत पेयजल योजना

कानपुर में अटल नवीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन-2.0 के तहत पेयजल योजना के ईस्ट और साउथ सर्विस डिस्ट्रिक्ट के लिए पाइपलाइन विस्तार प्रस्ताव मंजूर हो सकता है। इसी योजना के अंतर्गत नगर निगम बरेली में पेयजल पुनर्गठन योजना फेज-1 के लिए 265.95 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा जाएगा। यह पहल नगरों में बेहतर जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति को मंजूरी
बैठक में इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2005 एवं 2014 के अंतर्गत स्वीकृत निष्क्रिय परियोजनाओं को निरस्त करने और क्रियाशील परियोजनाओं को पूरा करने के लिए डीपीआर संशोधन और परियोजना अवधि में विस्तार करने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। इसके तहत न्यूनतम 12.50 एकड़ भूमि पर टाउनशिप विकसित करने की अनुमति मिलेगी।
कानपुर नगर में सिविल लाइन के जार्जिना मैकराबर्ट मेमोरियल अस्पताल की 45,000 वर्ग मीटर नजूल भूमि को मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने के लिए कानपुर विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव भी मंजूरी के लिए तैयार है।
सरकारी योजनाओं के अनुमोदन प्रस्ताव
वित्त विभाग की ओर से भारत के नियंत्रक और महालेखापरीक्षक को दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (DDUGJY) और प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के उत्तर प्रदेश सरकार वर्ष 2025 के प्रतिवेदन को अगले विधानमंडल सत्र में पेश करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
इसके अलावा राज्य में अस्पतालों के विकास में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी सहायता नीति को मंजूरी मिलने की संभावना है। प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की स्थापना और संचालन राज्य सरकार के संसाधनों से किया जाएगा।
सड़क और निर्माण परियोजनाओं का विकास
बैठक में प्रयागराज में कार्यालय उप निबंधक सदर और कार्यालय उप/सहायक महानिरीक्षक निबंधन के लिए भूमि उपलब्ध कराने, चंदौली सकलडीहा-सैदपुर मार्ग के एक हिस्से के चार लेन चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की पुनरीक्षित प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति पर भी चर्चा होगी।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश जेल मैनुअल (प्रथम संशोधन) 2025 को भी मंजूरी मिलने की संभावना है। जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम-1974 एवं वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम-1981 के तहत औद्योगिक इकाइयों और स्थानीय नगर निकायों में शुद्धीकरण संयंत्र की स्थापना और संचालन के लिए सहमति शुल्क में संशोधन का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा।










